गर्मी में इन दिनों लेसुआ खाना बेहद स्वादिष्ट, फल खत्म होने में कुछ ही दिन शेष
लेसुआ उष्णकटिबंधीय पेड़ है जो गर्मी के दिनों में फल देता है जिन्हें लेसुआ अथवा लसोड़ा के नाम से जानते है। चिलचिलाती गर्मी के समय में लेसुआ अच्छे से पक जाता है। लेसुआ ऐसा फल है जो अंगूर की भांति तेज धूप और शुष्क क्षेत्रों में तैयार होता है। अभी जिन स्थानों पर बारिश नहीं हुई है वहां लेसुआ के फल पेड़ पर लगे हुए मिलेंगे क्योंकि बारिश के पश्चात अच्छे से पक्के हुए लेसुए लार छोड़ने लगते है तो खाने का मन नहीं होता है।
लेसुआ
अभी समय है आप जून के महीने भी लेसुआ खाककर उसके स्वाद और गुणों का लुप्त उठा सकते है। गाँव के किसान अपने खेतों में लेसुआ का पेड़ लगाते है ताकि उन्हें अच्छी छांव मिलती रहे और चमदार लेसुओं का सेवन कर उसका लाभ उठा सकें।
लेसुआ
सच लेसुआ खाने में बड़ा ही स्वादिष्ट होता है और इसका आचार भी बनाया जाता है। गुणों पर प्रकाश डालें तो इसके सेवन से शरीर शक्तिशाली बनता है। तेज गर्मी और चिलचिलाती धूप को सहन करने की क्षमता में सुधार होता है।
लेसुआ पेड़ की डाली से तोड़ने के पश्चात ताजा खाना अधिक उचित है क्योंकि यह फल अंदर से गाढ़े गुणकारी द्रव अथवा कहें तो लार से भरा होता है। पेड़ से अलग करके इसे अधिक समय सुरक्षित नहीं रखे जा सकते है. इसके सेवन से शरीर बाहरी ताप को आसानी से सहन सकता है।
लेसुआ
लेसुआ
लेसुआ खाने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है। रेतीली भूमि में लगा लेसुआ अधिक गुणकारी होता है वह पाचनतंत्र को शक्तिशाली बनाता है और शरीर के हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में अपना योगदान देता है। नियमित सेवन करने से भोजन अधिक बेहतर ढंग से पचने लगता है तथा बॉडी में पानी की कमी का सवाल ही पैदा नहीं होता है