दमोह जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र के जंगल में पेड़ पर लटके मिले प्रेमी जोड़े की सोमवार को पुलिस ने शिनाख्त कर दी। कथित प्रेमी जोड़े का आपस में बुआ-भतीजे का रिश्ता है। दोनों ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इस मामले को लेकर दोनों के परिवारों में फूट भी पड़ गई थी। शिनाख्त होने के बाद दोनों शव जिला मुख्यालय पर पोस्टमार्टम के लिए अलग-अलग ट्रॉली में लाए गए। यहां पर भी पोस्टमार्टम कराने में विवाद की स्थिति बनी। जानकारी के अनुसार हिंडोरिया नगर के निवासी हीरा लाल सेन 21 का कई माह से रिश्ते में अपनी बुआ रेशु 19 वर्ष से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। परिजनों को इसकी भनक हो गई थी और परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे और इसको लेकर घर में विवाद भी चल रहा था।

यहां तक कि दोनों के रिश्ते की वजह से परिवारों में भी दरार आ गईं थीं। जब परिवार मंजूर नहीं हुए तो प्रेमी युगल ने एक साथ मरने का फैसला कर लिया। 29 दिसंबर को प्रेमी युगल अपने-अपने घर से भागे और इस बीच दोनों का कोई पता नहीं चला। प्रेमिका रेशु के परिजनों ने हिंडोरिया थाने में 29 दिसंबर को गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। वहीं पुलिस के द्वारा गुम इंसान कायमी के बाद युवती की तलाश की जा रही थी, इसी बीच पुलिस को रविवार 12 जनवरी की शाम नोनपानी के जंगल की खाई में एक पेड़ की दो डालियों से फांसी के फंदे से प्रेमी युगल के शव लटकने की सूचना मिली थी। हिंडोरिया से हीरालाल और रेशु के शव दमोह के पोस्ट मार्टम गृह लाए गए।

दोनों के शव अलग-अलग ट्रॉली में रखकर परिजन यहां पहुंचे। इस बीच पोस्ट मार्टम कराने के दौरान रुपए मांगने को लेकर परिजनों में कहासुनी हो गई। एक पक्ष से दोनों के पोस्टमार्टम कराने को लेकर एक हजार रुपए ले लिए गए, जबकि दूसरे पक्ष से राशि नहीं ली गई, इस पर विवाद की स्थिति बन गई, बाद में कुछ लोगों ने हस्तक्षेप करके मामला शांत कराया। रामकुमार सेन ने बताया कि पोस्ट मार्टम के लिए स्वीपर ने रुपए मांगे, एक पक्ष से ही पूरे पैसे ले लिए, जबकि दोनों पक्ष से रुपए लेने थे, हालांकि इस बीच लोगों ने मामला शांत करा दिया और पोस्ट मार्टम कराकर परिजन अलग-अलग ट्रॉली में शव रखकर ले गए।