स्टेशन के फ्री WiFi से सिविल परीक्षा की पढ़ाई करता कुली, फिर जो हुआ उस पर नहीं होगा यकीन
श्रीनाथ की लगन का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि सिर्फ अपने खाली समय में ही नहीं बल्कि लोगो का सामान उठाते वक़्त भी वो कान में इयरफोन लगाए रहता था और परीक्षा से सम्बंधित ऑडियो सुनता रहता था. सूत्रों की माने तो श्रीनाथ इसके पहले तीन बार परीक्षा में बैठ चुके हैं. तभी से वे इसकी तैयारी सिर्फ मोबाइल और स्टेशन के फ्री WiFi से कर रहे थे. लेकिन इस बार श्रीनाथ की मेहनत रंग लाइ और वे परीक्षा में पास हो गए.

10 वीं पास श्रीनाथ यदि अब इंटरव्यू में भी क्वालीफाई हो जाते हैं तो वे लैंड रेवेन्यू डिपार्टमेंट में बकायदा विलेज फील्ड असिस्टेंट के रूप में नियुक्त हो जाएंगे. श्रीनाथ मूल रूप से मन्नार के रहने वाले हैं और उनका नजदीकी स्टेशन एर्नाकुलम हैं. श्रीनाथ का कहना हैं कि फ्री wifi की सुविधा के कारण ही उनके लिए सफलता के नए द्वार खुले हैं.
बताते चले कि पीएम मोदी ने 2016 में डिजिटल इंडिया के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों पर फ्री वाईफाई की सुविधा स्टार्ट की थी. ये काफी प्रेरणादायक हैं कि कैसे श्रीनाथ नाम के इस कुली ने कम संसाधनों के होते हुए भी अपने सपनो को पूरा करने की कोशिश की और सफल भी हुए
10 वीं पास श्रीनाथ यदि अब इंटरव्यू में भी क्वालीफाई हो जाते हैं तो वे लैंड रेवेन्यू डिपार्टमेंट में बकायदा विलेज फील्ड असिस्टेंट के रूप में नियुक्त हो जाएंगे. श्रीनाथ मूल रूप से मन्नार के रहने वाले हैं और उनका नजदीकी स्टेशन एर्नाकुलम हैं. श्रीनाथ का कहना हैं कि फ्री wifi की सुविधा के कारण ही उनके लिए सफलता के नए द्वार खुले हैं.
बताते चले कि पीएम मोदी ने 2016 में डिजिटल इंडिया के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों पर फ्री वाईफाई की सुविधा स्टार्ट की थी. ये काफी प्रेरणादायक हैं कि कैसे श्रीनाथ नाम के इस कुली ने कम संसाधनों के होते हुए भी अपने सपनो को पूरा करने की कोशिश की और सफल भी हुए